नागपुर, 10 अगस्त 2026: गणेशोत्सव को अब कुछ ही सप्ताह बाकी हैं और नागपुर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के पारंपरिक मूर्तिकारों के प्रमुख केंद्र चितार ओली समेत कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। बारिश में मिली थोड़ी राहत ने मूर्तिकारों को अपने काम की गति बढ़ाने में मदद की है।
🪔 चितार ओली में गूंज रहा है ‘गणपति बप्पा मोरया’
नागपुर का चितार ओली लंबे समय से गणेश प्रतिमा निर्माण की अपनी खास परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां बड़े सार्वजनिक मंडलों के लिए विशाल प्रतिमाओं से लेकर घरों में स्थापना के लिए छोटी मिट्टी की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, मूर्तिकार और कारीगर त्योहार की मांग पूरी करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
प्रतिमाओं की संरचना, चेहरे की बारीकियां, रंग-रूप और अंतिम सजावट जैसे काम अब तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। बारिश के कारण काम प्रभावित हुआ था, लेकिन मौसम में मिली राहत से मूर्तिकारों को काफी सहूलियत मिली है।
🎨 अंतिम चरण में पहुंचा मूर्ति निर्माण
गणेश प्रतिमा बनाना केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि कई स्थानीय कारीगर परिवारों की पारंपरिक कला और आजीविका से जुड़ा काम है। प्रतिमा तैयार करने में कई चरण होते हैं—ढांचा तैयार करना, आकार देना, चेहरे की बारीकियां बनाना, सुखाना, रंग करना और अंतिम सजावट।
इस समय नागपुर के कई मूर्तिकार इन्हीं अंतिम चरणों में व्यस्त हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ ऑर्डर पूरे करने का दबाव भी बढ़ रहा है।
💰 महंगाई का असर गणेश प्रतिमाओं पर
इस साल गणेश प्रतिमाओं की कीमतों पर भी महंगाई का असर दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे माल की कीमत बढ़ने से नागपुर में गणेश प्रतिमाओं की कीमतों में औसतन करीब 20% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ जगहों पर यह वृद्धि 30% तक बताई गई है। कुछ प्रतिमाओं की कीमत करीब ₹2,500 तक पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।
मूर्तिकारों के लिए बढ़ती लागत एक चुनौती है, क्योंकि उन्हें मिट्टी, रंग, सजावटी सामग्री और अन्य आवश्यक सामान पहले की तुलना में महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है।
🌱 पर्यावरण को लेकर भी बढ़ी चर्चा
गणेशोत्सव से पहले Plaster of Paris (PoP) और मिट्टी की प्रतिमाओं को लेकर भी चर्चा तेज है। नागपुर में NMC राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहा है। फिलहाल रिपोर्ट के अनुसार, PoP प्रतिमाओं के तालाबों/झीलों में विसर्जन पर रोक जारी रहने की संभावना है, जबकि PoP प्रतिमाओं की बिक्री को लेकर अंतिम स्थिति पर निर्णय की प्रतीक्षा है। (The Times of India)
ऐसे में श्रद्धालुओं के बीच पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्रतिमाओं को लेकर रुचि बढ़ना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📅 कब शुरू होगा गणेशोत्सव?
2026 में 10 दिवसीय गणेश उत्सव 14 सितंबर से शुरू होने की जानकारी स्थानीय रिपोर्ट में दी गई है। इसका मतलब है कि अब मूर्तिकारों के पास प्रतिमाओं को पूरा करने और ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए सीमित समय बचा है।
🙏 नागपुर में बप्पा के स्वागत का इंतजार
गणेशोत्सव नागपुर के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरों से लेकर सार्वजनिक गणेश मंडलों तक, तैयारियां अब धीरे-धीरे दिखाई देने लगी हैं। मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में दिन-रात चल रही मेहनत इस बात का संकेत है कि “बप्पा मोरया” के जयकारों से नागपुर जल्द ही गूंजने वाला है।
इस बार श्रद्धालुओं के लिए बप्पा की भव्य प्रतिमाओं के साथ-साथ परंपरा, कला और पर्यावरण के बीच संतुलन भी एक महत्वपूर्ण विषय रहेगा।
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