जंतर-मंतर, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन: लोकतंत्र की आवाज़ या व्यवस्था की चुनौती?
“लोकतंत्र में विरोध केवल असहमति व्यक्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों की आवाज़ को शासन तक पहुँचाने का संवैधानिक अधिकार भी है।” […]
“लोकतंत्र में विरोध केवल असहमति व्यक्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों की आवाज़ को शासन तक पहुँचाने का संवैधानिक अधिकार भी है।” […]